शिकारियों ने वन्यप्राणी नीलगाय का किया शिकार बेखौफ़ होकर जंगल मे ही बना कर खाया,शाहनगर से संवाद न्यूज ब्यूरो पं संजय त्रिपाठी की रिपोर्ट

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शाहनगर – वन जीवों की सुरक्षा के लिए वन आमला संवेदनशील ना होने से आये दिन जंगली जानवरों के शिकार के मामले प्रकाश मे आ रहे है

पानी में तैरता हुआ नील गाय का चमड़ा

इसी तरह का मामला पन्ना जिला के शाहनगर वन परिक्षेत्र अन्तर्गत सर्किल टिकरिया के वीट ढेसाई के बिलहा हार नाले मे नील गाय का चमड़ा पानी मे पड़ा होने की जानकारी समाचार प्रतिनिधि को दिनांक10/1/2020 को प्राप्त हुई थी इस धटना की पुष्ठ करने के लिए श्रीमति जानकी यादव वन परिक्षेत्र अधिकारी शाहनगर से मोबाइल फोन से सम्पर्क किया तो आपने इस तरह की किसी भी शिकार धटना नही होने की बात कही समाचार प्रतिनिधि ने आपने सूत्रों के माध्यम से खबर को पुष्ट किया और वन विभाग को जानकारी दी लेकिन वन विभाग इस तरह किसी भी धटना को नकारते रहे अंततः आज दिनांक 11/1/2020 को वन आमला टिकरिया के डिप्टी रेन्जर आर पी अरजरिया ने शिकार की धटना को स्वीकार किया नीलगाय वन प्राणी शाकाहारी जंगली पशु है पानी की प्यास से पीड़ित पशु नीलगाय पीने के पानी के लिए नाले के आया होगा तभी धात लगाये शिकारियों ने उसे घेराबंदी कर नील गाय का शिकार किया गया होगा । आर पी अरजरिया डिप्टी रेन्जर ने बताया कि हमारी वन टीम ने जी पी आर सिस्टम्स एवं वन नक्शे से धटना स्थल पहुंच कर जांच की तो पता चला कि यह वन परिक्षेत्र पवई का मोहढिया वीट कक्ष क्रमांक 638 सर्किल पवई का है इसकी सूचना पवई वन रेन्ज के साथ वरिष्ठ अधिकारियों को दी जा चुकी है जिस पर पवई वन रेन्ज से डिप्टी रेन्जर खरे के साथ बीट गाॅड मोहढिया बीट गार्ड उपस्थित हुए मौके मुआयना करने के उपरांत मौका जांच पंचनामा तैयार करने के साथ नीलगाय चमड़ा जप्त करने की कार्यवाही की गईं है बड़े मजे की बात तो यह है कि जंगल मे शिकारियों द्वारा जंगली जानवर का शिकार करने के साथ ही उनकी बेखौफ हिम्मत को देखिये नीलगाय के मांस को वही जंगल मे मौके पर काँटा पौला छीला और पका कर शराब के साथ मजे से खाया पिया और रफू चक्कर हो गये ।

चूल्हा, जहां नीलगाय का शिकार पकाया. गया


क्योंकि मौके स्थल पर बना पत्थरों का चूल्हा, हड्डियां, एवं शराब के खाली क्वाटर पड़े पाए गए। जिससे यह प्रतित होता है कि इसमें वन विभाग का कोई कर्मचारी जरूर संलिप्तता रहा होगा ।यदि वन विभाग की उच्च स्तरीय जांच हो तो वन विभाग के दागदार कर्मचारी बेनकाब हो सकते है यदि वन विभाग कर्मचारियों कि संलिप्तता नही होते तो शिकारियों की इतनी हिम्मत नही पड़ती कि मौके स्थल पर शिकार कर इत्मीनान के साथ नीलगाय को काँटा पोला चमड़ा निकलने के बाद पका कर मज़े से शराब के साथ नीलगाय को खाया अंततः नील गाय के चमड़े को नाले के पानी मे डालकर चले गये धटना स्थल देखकर यदि प्रतीत हो रहा था कि यह शिकर एक सप्ताह पूर्व धटित हुआ होगा बाकि फाॅरेन्सिक जांच होने के बाद स्थिति स्पष्ट हो पायेगी


इस घटना से यह जरूर सिद्ध हो रहा है कि वन आमला आपने कार्य के प्रति कितना संजिदा है जब गोपनीय सूत्रों के माध्यम से समाचार प्रतिनिधि को जानकारी लगी तो उन्होंने मौके स्थल पर पहुँच कर चूल्हा, हड्डियां, एवं शराब के खाली पड़े क्वाटरो को अपने कैमरे मैं कैद किया और वही पास स्थित नाले के पानी मैं नीलगाय के चमड़े को पत्थरों से दवाकर छुपा दिया गया था उसे भी अपने कैमरे मे दृश्य को कैद किया ।
वहीं नाले मै दूसरी तरफ पानी की गहराई पर नीलगाय का चमडा और मांस डूबा पड़ा था उसको भी मीडिया कर्मी ने अपने कैमरे से घटनाक्रम को कैद किया ।
घटना स्थल पर वीट गार्ड ढेसाई इंद्रभान अहिरवार के साथ रमेश सिंह राठौर (जिला वन समिति संघ अध्यक्ष)और अकल सिंह ठाकुर भी मौके पर उपस्थित रहे लेकिन जब मीडिया कर्मी द्वारा वीट गार्ड ढेसाई से शिकार के संबंध मे जानकारी चाही तो खबर न बनाने के लिए वीट गार्ड इंद्रभान अहिरवार गिड़गिड़ाने लगे कैमरे के सामने आपना चेहरा छुपा लिया । इस संबंध मे अधिक जानकारी के लिए आर के अवधिया यस डी ओ पवई से जानकारी चाही तो आपने पहले धटना की अनिभिग्ता जताई बिना बात किये फोन काट दिया
गत समय पूर्व टिकरिया वीट मे दो युवा तेंदुआ का शिकार हो चुका है लेकिन जिम्मेदार अधिकारी कर्मचारी आपने कर्तव्यों से बिमुख है गत दिनांक 29/10/2019 को अभी हाल ही टिकरिया वीट मैं एक नर युवा तेंदुए का शिकार हुआ था जिसमे वरिष्ट अधिकारियों द्वारा वन आमला के ऊपर कोई ठोस कार्यवाही नही की गई थी जिसका परिणाम स्वरूप अधिकारी निरंकुश है शिकारियों के हौसले बुलंद है फिर एक शिकार की धटना धटित की

काला चश्मा पहने हुए वीट गार्ड इंद्रभान अहिरवार -वीट ढेसाई

पं.संजय त्रिपाठी, ब्यूरो शाहनगर

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