सलेहा पुलिस पर परिजनों का आरोप – पुलिस प्रशासन की निष्क्रियता के कारण पिता की हुई मौत

सलेहा से संवाद न्यूज के लिए रामप्रताप बर्मन की रिर्पोट

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पुलिस थाना सलेहा में किस केस में कितना पैसा देना है इसका चार्ट चस्पा करवा दें – रमाकांत शर्मा

रमाकांत शर्मा

सलेहा (पन्ना) पुलिस थाना सलेहा अंतर्गत ग्राम पंचायत पटना तमोली में रामभगत चौरसिया अपने घर की बाउंड्री बना रहा था जिस पर उसके पड़ोसी द्वारा बाउंड्री बनाने से रोका जा रहा था व गाली गलौज करता था जिसकी रिपोर्ट दिनांक 29 फरवरी 2020 को रामभगत चौरसिया के पुत्र आशीष चौरसिया व पुत्री मीनाक्षी चौरसिया द्वारा थाना सलेहा में अपने पड़ोसी पुरुषोत्तम चौरसिया , रूपचन्द्र चौरसिया , सूरजभान चौरसिया के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवाई। लेकिन थाना सलेहा में रिपोर्ट तो दर्ज की गई लेकिन आरोपियों के विरुद्ध कार्यवाही नहीं की गई। फरियादी आशीष चौरसिया द्वारा बताया गया कि हम लोग अपने मकान की बाउंड्री बना रहे थे तो पुरुषोत्तम चौरसिया , रूपचन्द्र , सूरजभान तीनों ने मिलकर मकान बनाने से रोका और गाली गलौज किया एवं जान से मारने की धमकी दी थी जिसकी रिपोर्ट मेरे द्वारा थाना सलेहा में की गई व मेरी बहन मीनाक्षी द्वारा 1092 में फोन द्वारा उक्त आरोपियों के खिलाफ शिकायत की गई थी। मेरे द्वारा ग्राम पंचायत पटना तमोली में विवाद निपटाने के लिए आवेदन दिया गया था जिस पर सचिव रजनीश चौरसिया के द्वारा गलत फैसला लिखकर दिया गया था।जबकि मेरे पास मकान का पूरा रिकार्ड है।फरियादी द्वारा आरोप लगाया गया है कि पुलिस प्रशासन की नाकामी व आरोपियों के विरुद्ध कार्यवाही न करने के कारण आरोपियों के द्वारा मेरे पिता को दिनांक 04 मार्च 2020 को मेरे पिता रामभगत चौरसिया को जबरन जहर खिलाया जब हम लोगों को जानकारी हुई तो आनन फानन सतना अस्पताल ले गए और आज दिनांक 05 मार्च को मृत घोषित कर दिया गया मृत होने की जानकारी जब सलेहा के जनसेवक व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रमाकांत शर्मा को हुई तो वो पुलिस थाना सलेहा में धरना में बैठ गए रमाकांत शर्मा के द्वारा बताया गया कि यदि थाना सलेहा की पुलिस आरोपियों के विरुद्ध कार्यवाही कर देती तो आज इन बच्चों के सिर से पिता का साया न उठता। सलेहा पुलिस की नाकामी के कारण आज एक गरीब की मौत हुई है। श्रीशर्मा ने तो यह भी आरोप लगाया कि सलेहा पुलिस को चाहिए कि पुलिस थाना के गेट में एक चार्ट चस्पा करवा देना चाहिए कि किस केस में कितनी रिश्वत देनी है। क्योंकि यहां सिर्फ पैसे वालों के काम होते है गरीबों को सिर्फ मरने के लिए छोड़ दिया जाता है। श्रीशर्मा धरने में तब तक बैठे रहे जब तक एसडीएम थाना सलेहा में नही आये जब एसडीएम थाना सलेहा पहुंचे और श्रीशर्मा व मृतक के परिजनों द्वारा यापन दिया गया व कार्यवाही की मांग की गई जिस पर एसडीएम गुनौर से आश्वासन देते हुए कहा कि जांच कर कार्यवाही की जाएगी।इसके उपरांत परिजनों द्वारा शव को अंतिम संस्कार के लिए अपने ग्रह ग्राम ले जाया गया।

रामप्रताप बर्मन, पत्रकार सलेहा

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