कलेक्टर की जनसुनवाई में लगाई गोहर के बाद भी संतोष कुम्हार को नही मिला न्याय,संवाद न्यूज उपसम्पादक निर्मला कुसमाकर की रिपोर्ट

मैंहर। ग्राम बरहिया निवासी संतोष कुम्हार एवम अपने भाई कोदुलाल कुम्हार के साथ अपनी ही आराजी में मकान गाँव के दबंगो के चलते नही बना पा रहा, जबकि उसकी पैतृक भूमि अराजी नम्बर 837/1, 837/ 2 जो रकवा 0.052 है. की भूमि है इसमें से 20 आरे जमीन मकान सहित राष्ट्रीय राजमार्ग के चौड़ी करण में जमीन अधिग्रहण कर ली गई। उसके पश्चात वह रोड़ चौड़ी करण के उसमे घर से बेघर हो गया था अपने परिवार के लिए मकान का निर्माण कर रहा था कच्चे खपड़ैल के टूटे मकान में पन्नी लगाकर किसी तरह रह रहा है और अराजी नम्बर 837/1/2 के कुल 60 फिट चौड़ा और 70 फिट लम्बा जिसमे स्वयं का बना शौचालय है चारो तरफ बॉडी पेड़ पौधे लगे है जो पुश्तैनी निवास के पास अर्जुन और बेर का पेड़ था उसे गांव के ही दबंग रामायण पांडेय द्वारा कटवा दिया गया था, संतोष कुम्हार ने आगे आरोप लगाया कि मेरे द्वारा कई बार सीमांकन का आवेदन भी लगाया गया परन्तु सीमांकन आज दिनांक तक नही किया गया मुझ गरीब की कोई सुनने वाला नही है मेरे द्वारा तहसीलदार, एसडीएम,देहात थाना नादन व ग्राम पंचायत बरहिया के साथ ही सी एम हेल्पलाइन पर भी कई बार शिकायत दर्ज कराई गई लेकिन दबंग रामायण पांडेय के खिलाफ कोई भी कार्यवाही नही की गई और मैं दर दर भटक रहा हु, आगे कहा कि मेरे द्वारा कलेक्टर सतना की जन सुनवाई में भी कई बार आवेदन दिया गया लेकिन मुझे अपनी ही भूमि पर मकान बनाने के लिए न्याय नही मिल पा रहा है आगे संतोष कुम्हार ने प्रदेश के मुख्य मंत्री को भेजे पत्र में मांग की है कि मुझे न्याय दिलाया जाए अन्यथा मैं अपने परिवार व बच्चों के साथ यदि न्याय नही हुआ तो मैं कोई भी निर्णय ले सकता हु जिसकी सम्पूर्ण जबाबदारी शासन प्रशासन की होगी।

0
116
श्रीमती निर्मला कुसमाकर, उपसम्पादक संवाद न्यूज

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here