विषाक्त पदार्थ से बीच रोड पर मरे दर्जनों मवेशी, सिंगरौली से गोबिन्द राज की रिपोर्ट

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विषाक्त पदार्थ की सेवन से आधा दर्जन मवेशी बीच रोड पर मरे

सिंगरौली

जयंत सिंगरौली मार्ग पर गणेश मंदिर एवं कांटा मोड़ के बीच में करीब आधा दर्जन मवेशी बीच रोड पर मरे पड़े हुए हैं कई घंटे बीत जाने के बाद भी अभी तक संबंधित विभाग के कर्मचारी अधिकारी घटनास्थल पर नहीं पहुंचे जो मानवता को पूरी तरह से शर्मसार कर रहे हैं मिली जानकारी के अनुसार कांटा मोड़ एवं गणेश मंदिर के बीच विषाक्त पदार्थ खाकर 5 गाय बीच रोड पर मरी पड़ी हुई है जबकि एक गाय तड़प रही है स्थानीय लोगों के अनुसार 4 गए सुबह 6रू00 बजे तक मर चुकी थी पांचवी गाय 9रू00 बजे तक तड़पती हुई मर गई । छठवीं गाय तड़प रही है जो मरने की कगार पर है लेकिन सुबह से सैकड़ों वाहनों का आना जाना लगा रहा लेकिन कोई भी व्यक्ति संबंधित उच्च अधिकारियों को खबर करने का जेहान नही उठाया। जो मानवता को तार-तार कर रहा है । जबकि सुबह से कई कई छोटे-बड़े वाहनों में समाजसेवी कांट्रैक्टर प्रशासनिक अधिकारी कर्मचारी उस मार्ग से गुजर रह है । 11 बजे तक वहां पर पांचों मवेशी मर चुके थे तथा छठवां मवेशी गाय बीच रोड पर तड़प रही थी। सभी गाय बीच रोड पर मरी पड़ी हुई हैं।
मानवता हो रही शर्मसार
जयंत सिंगरौली मार्ग पर गणेश मंदिर एवं कांटा मोड़ के बीच रोड पर विषाक्त पदार्थ खाकर आधा दर्जन मवेशी बीच रोड पर मरे पडे़ है। जो मानवता को शर्मसार कर रही है । मौके पर मौजूद आसपास के लोगों ने बताया कि ये गाय विषाक्त पदार्थ खाकर तड़पते हुए मरी है इससे लगता है कि वह ओवरबर्डन हटाने के लिए ओबी कंपनी द्वारा बारुद का इस्तेमाल कर ब्लास्टिंग किया जाता है सूत्रों की मानें तो कंपनी द्वारा इस्तेमाल किए गए बारूद के कार्टून को सुरक्षित जगह न फेंककर इधर.उधर फेंक दिया जाता है जिसमें बारूद की कुछ मात्राएं बची रखती हैं जिसको सभी गाय खाकर काल के गाल में समा गई बारूद ऐसा विषाक्त पदार्थ है कि उसको खाने से 24 से घंटों में जानवरों की मौत हो जाती है इसी तरह की घटना पूर्व मे एनसीएल निगाही परियोजना के खदान सत्र में मर चुकी है जानकारों की मानें तो ऐसे ही बिषात पदार्थ खाई होंगी तड़पते हुए चार गाय रात में ही मर चुकी थी लोगों का कहना है कि दिलीप बिल्डकॉन लिमिटेड वह भी कंपनी का बारूद एवं विशाल विशाल विषाक्त पदार्थ खाने से मेसी यूके मवेशियों की मरने की आशंका जाहिर की है बाला की विभाग द्वारा पोस्टमार्टम करने के बाद भी असलियत का खुलासा होगा कि गाय कैसे मरी फिलहाल लोगों द्वारा कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं ।
कहां गए समाज सेवी संगठन
कहने को तो गायों की रक्षा के लिए सिंगरौली में कई संगठन कार्य कर रहे हैं लेकिन आज इस हादसे में कोई संगठन आगे बढ़कर नहीं आया आते दिख रहा है गाय किसकी है यह भी अभी तक पता नहीं चल सका है

सिंगरौली से संवाद न्यूज ब्यूरो गोबिन्द राज की रिपोर्ट

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