सिंगरौली विधानसभा में ट्रेड यूनियन लीडर को ही टिकट मिले: ओपी मालवीय,इंटक महामंत्री बीरेन्द्र सिंह बिष्ट को सिंगरौली विधानसभा से मैदान में उतारने की तैयारी,सिंगरौली से संवाद न्यूज ब्यूरो गोबिन्द राज की रिपोर्ट

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विधानसभा चुनाव में संयुक्त श्रमिक संगठन का होगा उम्मीदवार

सिंगरौली(sanvadnews)-
बीएमएस को छोड़कर संयुक्त श्रमिक संगठनो (सभी ट्रेड यूनियनो) ने बैठक कर निर्णय लिया है कि आगामी विधानसभा एवं लोकसभा चुनाव में राजनैतिक दलो से टिकट मिलने के आसार है ऐसा नही होने पर संयुक्त श्रमिक संगठन अपना अलग से उम्मीदवार मैदान में उतारेगा। राष्ट्रीय कोलियरी श्रमिक संघ (इंटक) के अध्यक्ष ओपी मालवीय ने पत्रकारो से चर्चा करते हुए बताया कि आगामी विधानसभा चुनाव में राजनैतिक दलो से ट्रेड यूनियन लीडर को टिकट मिलने पर सभी ट्रेड यूनियन समर्थन कर चुनाव में विजयी दिलाने का कार्य करेंगे। उन्होने बताया कि सिंगरौली विधानसभा क्षेत्र में संगठित एवं असंगठित मजदूरो की संख्या एक लाख से अधिक है। मजदूरो की समस्याओं का निराकरण यूनियन लीडर ही करा सकता है। सिंगरौली की सबसे बड़ी विस्थापन, बेरोजगारी एवं मजदूरो का शोषण है। संगठित मजदूरो के लिए नियम कानून तो बने है लेकिन उसका राजनैतिक दल से चुने हुए प्रतिनिधि क्रियान्वयन नही करा पाते है। श्री मालवीय ने पत्रकारो के सवाल का जबाब देते हुए बताया कि राष्ट्रीय कोलियरी श्रमिक संघ इंटक के महामंत्री बीरेन्द्र सिंह बिष्ट को सिंगरौली विधानसभा में उम्मीदवार बनाने के लिए कांग्रेस आलाकमान से आश्वासन मिला है। यदि ऐसा नही होता है तो संयुक्त श्रमिक संगठन एक बैठक कर अपना उम्मीदवार चुनाव में सिंगरौली विधानसभा से उतारेगी। वही एचएमएस के अध्यक्ष एमपी अग्निहोत्री ने बताया कि सिंगरौली विशाल औद्योगिक क्षेत्र में संगठित क्षेत्र में एनसीएल एनटीपीसी में मजदूरो की संख्या 20 हजार सेअधिक एवं असंगठित क्षेत्र में एक लाख से अधिक है। उन्होने बताया कि तमाम एक्ट होने के बावजूद भी इसका पालन नही हो रहा है। इंटक नेता नरेन्द्र मिश्रा ने कहा कि ट्रेड यूनियन के नेता के विधायक बनने पर सिंगरौली एनसीएल के सीएसआर से पत्रकार भवन बनेगा। एनसीएल एवं एनटीपीसी एवं अन्य कंपनियों के वोट से ही विधायक चुना जाता है। टेड यूनियन के नेता को एक बार मौका मिलना चाहिए। कामरेड नेता अशोकधारी ने कहा कि केन्द्र एवं राज्य में पूंजीपतियो की सरकार है। यह सरकार मजदूर एवं किसान विरोधी है। ज्यादातर प्राइवेट कंपनियां भाजपा के ही पूंजीपतियो की कंपनी है। टेड यूनियन का प्रतिनिधि विधानसभा में जाय इसके लिए हम सब मिलजुलकर कोशिष करेंगे। एससीएसटी कोल इंडिया के अध्यक्ष सोमारू प्रसाद ने पत्रकारो से चर्चा करते हुए कहा कि अदिवासी समुदाय का विकास नही हो सका। टेड यूनियन के लीडर को टिकट मिलने पर अदिवासियो का पुरा सहयोग मिलेगा।

सिंगापुर बनने का सपना परिलक्षित नही हो रहा: एटक महामंत्री

सिंगरौली का सिंगापुर बनने का समपना परिलक्षित नही हो रहा है। एनसीएल के ओबी कंपनी में एचपीसी का वेजेज भी लागू नही हो रहा है। कोलियरी मजदूर सभा एटक के महामंत्री अजय कुमार ने पत्रकार वार्ता के दौरान बताया कि मजदूर यूनियन के नेता को विधानसभा टिकट मिलने पर सभी टेªड यूनियन उनका समर्थन करेगी। केन्द्र एवं प्रदेश में भाजपा की सरकार है जो मजदूर विरोधी है। मजदूरो की पीड़ा को मजदूर लीडर भली भाति जानता है तथा उनके समस्याओ को हल भी कराता है। लेकिन कुछ चिजे ऐसी होती है जो विधायक एवं सांसद की पहल से ही हल हो सकता है। राजनैतिक दल के प्रतिनिधि मजदूरो की समस्याओ का निराकरण में रूचि नही ले रहे है। कार्यक्रम का संचालन कामरेड़ संजय नामदेव ने कहा कि हम सब का प्रयास रहेगा कि राजनैतिक दल इंटक महामंत्री बीरेन्द्र सिंह विष्ट को सिंगरौली विधानसभा से टिकट दे राजनैतिक दल से टिकट नही मिलने पर हमसब आपस में तय करके किसी मजदूर लीडर को सिंगरौली विधानसभा से मैदानमें उतारकर चुनाव जिताने का प्रयास करेंगे।

हर घर को रोजगार मिलेगा: बीरेन्द्र सिंह विष्ट

राष्टीय कोलियरी श्रमिक संघ इंटक के महामंत्री बीरेन्द्र सिंह विष्ट ने पत्रकारो को बताया कि ओबी कंपनी में नौकरी के नाम पर दलाली चल रही है। ओबी कंपनी को एनसीएल में 3 – 4 वर्ष के लिए कार्य मिलता है उस कंपनी में कार्य के लिए लोग एक एक लाख रूप्ये देकर कार्य कर रहे है। कंपनीयो में बाहर के लोग आकर कार्य कर रहे है। यहा के लोग बेरोजगार घुम रहे है। यदि क्षेत्र के विधायक सांसद चाहे तो हर घर को रोजगार मिल सकता है। राजनैतिक दल यदि मजदूर लीडर में से किसी को टिकट देती है तो हम सब मिलकर समर्थन करेंगे। यदि ऐसा नही हुआ तो हम आपस में बैठक कर मजदूर लीडर को विधासनसभा चुनाव में मैदान में उतारेंगे।

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