स्वतंत्रता दिवस से पहले राजस्थान का सियासी नाटक खत्म, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने विधानसभा में साबित किया बहुमत

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जयपुर: राजस्थान (Rajasthan) में दिग्गज कांग्रेस (Congress) नेता सचिन पायलट (Sachin Pilot) और उनके खेमे के विधायकों के बागी तेवर से उपजा राजनीतिक संकट आज खत्म हो गया है. शुक्रवार को राजस्थान विधानसभा में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) ने बहुमत साबित कर दिया है. हालांकि बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने फ्लोर टेस्ट के दौरान राज्य सरकार के खिलाफ वोट करने के लिए अपने पूर्व विधायकों को व्हिप जारी किया था.

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पहले ही पार्टी के बागी नेताओं को लगभग एक महीने की राजनीतिक खींचतान व उठापटक को भूलकर आगे बढ़ने की नसीहत दे दी है।
दरअसल सचिन पायलट व उनके खेमे के 18 विधायकों की वापसी से गहलोत खेमे के कई विधायक खुश नहीं हैं और उन्होंने अपनी नाराजगी मंगलवार रात जैसलमेर में विधायक दल की बैठक में भी जाहिर की थी. इस बीच गहलोत सरकार के खिलाफ बागी तेवर दिखाने वाले पूर्व पर्यटन मंत्री विश्वेंद्र सिंह और विधायक भंवरलाल शर्मा के निलंबन को कांग्रेस पार्टी ने वापस ले लिया है. Rajasthan Political Crisis: जानें क्या कहते हैं राजस्थान विधानसभा के आंकड़े?

उल्लेखनीय है कि कांग्रेस सूबे की गहलोत सरकार को गिराने के षडयंत्र के पीछे बीजेपी को जिम्मेदार बताती है. कांग्रेस का आरोप है कि बीजेपी उनके कुछ विधायकों को प्रलोभन देकर गहलोत सरकार को गिराने की कोशिश कर रही है. ज्ञात हो कि गहलोत समर्थक विधायक 13 जुलाई से जयपुर के एक होटल में रुके थे जिन्हें 31 जुलाई को जैसलमेर के एक होटल में भेजा गया. जबकि सचिन पायलट व उनके गुट के कांग्रेस के 18 अन्य विधायक राज्य के बाहर ठहरे हुए थे. हालांकि सोमवार को नई दिल्ली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी व प्रियंका गांधी से मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री गहलोत के नेतृत्व से नाराज पायलट समेत सभी नेताओं ने पार्टी में वापसी का मन बनाया ‌।

सुरेन्द्र कुसुमाकर श्रीमाली, सम्पादक संवाद न्यूज

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